एक बार महिला दिवस,
संकल्प करें ज्यादा
भ्रूढ़ हत्याओं की
प्रतिज्ञा करें नारी के
नारीत्व के खंडन की
समाज में स्त्री पुरुष
की समानता की.
आओ फिर पीटें ढोल
स्त्रियों के आरक्षण का
आओ फिर फहराएं परचम
दिखावे की सुरक्षा का
आओ फिर करें नीलामी
किसी कमला विमला
और सलमा की.
आओ फिर करें चर्चा
बेटों को कटोरा भर दूध
और बेटियों को पानी की,
आओ फिर करें अभिमान
मुट्ठी भर सम्मानित और
करोडो अपमानितों की
पर ; इन सबसे परे,
आओ फिर मनाएं एक
और महिला दिवस
नारी के नारीत्व
की परिपूर्णता का.
आओ करें प्रतिज्ञा
अपने को अबला से
सबला बनाने की
स्वयं उठ कर
दूसरों को
ऊँचा उठाने की
आओ पुनः करें प्रयास
समाज को स्वच्छ सुंदर
और विचारवान बनाने की.
आओ छू लें आकाश
इस महिला दिवस पर .
.jpeg)
No comments:
Post a Comment