Sunday, February 21, 2010

पावन होली के पर्व पर आप सभी को शुभ कामनाएं होली का यह पर्व रंगों का पर्व है जीवन के विविध रंग इसमें समाहित हैं . यह रंग हमें जीने की प्रेरणा देते है अतः आइये  हम सभी मिलकर पूरे विश्व में खुशियों के रंग बिखेरनें  का सार्थक प्रयास करें ताकि पूरे विश्व में बुराइयों की पराजय हो और प्रेम भाईचारा तथा सौहार्द बढे .आज  विश्व  बुरी तरह आतंकवाद की चपेट में है अतः होली का यह पर्व हिंसा की पराजय और अहिंसा की सदैव विजय की ओर इंगित करता है.वर्तमान समय में त्योहारों के भी मायने बदलते जा रहे है हर जगह औपचारिकता ही नजर आ रही है मेल मिलाप के अर्थ ही बदल गए है गिव एंड टेक का जमाना है.पहले हर कोई सद्भावना व प्रेमवश एक दूसरे के घर आता जाता था   पर अब  सुविधा तथा फायदे के आधार पर जाने की कोशिश करते है .

Monday, February 15, 2010

२०२० में सम्पूर्ण विश्व आतंकवाद की गिरफ्त से बाहर आ जाये पर्यावरण संबधित जितनी भी समस्याएं है उनके प्रति आम आदमी की जागरूकता बढे और ग्लोबल वार्मिंग से विश्व को बचाने हेतु कड़े कदम उठाये जाएँ .देश दुनियां की सीमाओं से परे हम सिर्फ मानवता को ही अपना प्रमुख धर्म समझें .

Sunday, February 14, 2010

१३ फरवरी २०१० को जर्मन बेकरी में हुए आतंकवादी हमले की जितनी भी निंदा की जाये वह कम है. एक बार फिर से वो अपनी नापाक चाल में कामयाब हो गए ,पर हमारे हौसले को कभी परास्त नहीं कर सकते .हम अपनी हिम्मत से उन्हें अपनी जड़े नहीं जमाने देंगें. जो लोग इस बम धमाके की चपेट में आयें हैं ईश्वर   उन्हें यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे दुःख की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ है .

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मै पूर्णिमा त्रिपाठी मेरा बस इतना सा परिचय है की, मै भावनाओं और संवेदनाओं में जीती हूँ. सामाजिक असमानता और विकृतियाँ मुझे हिला देती हैं. मै अपने देश के लोगों से बहुत प्रेम करती हूँ. और चाहती हूँ की मेरे देश में कोई भी भूखा न सोये.सबको शिक्षा का सामान अधिकार मिले ,और हर बेटी को उसके माँ बाप के आँगन में दुलार मिले.